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Saturday, October 2, 2021

Happy Gandhi+shastri jayanti

 Today is the best day of year because on this day the god has send us the two honourable people in our country . Those two people's are Mohan Das karam Chandra Gandhi and Lal Bahadur Shastri .. Everyone knows that 2nd October is the day which is celebrated as Ghandhi jayanti and Lal Bahadur Shastri jayanti. On this day we honour them .
















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#gandhijayanti
#gandhiji
#lalbahadurshastrijayanti
#shastriji

Sunday, September 19, 2021

काश ओ दिन फिर आ जाते |

 काश ओ दिन फिर आ जाते

 काश ओ दिन फिर आ जाते |
  काश ओ दिन फिर आ जाते |
  काश हम फिर वही पहले जैसे हो जाते,
  काश ओ होंठों कि हंसी फिर लौट आती |
   काश उन दोस्तो के साथ मस्ती फिर हो जाती ,
    काश ओ दिन फिर आ जाते |
    काश ओ दिन फिर आ जाते |

                   खुद को यूं हर चीज से रोके बैठे हैं |
                    काश ये रोकने की नौबत ही नहीं आती |
                    काश ओ दिन फिर आ जाते |
                     काश ओ दिन फिर आ जाते |
       
          काश यूं कोई बोल न जाता
           काश कोई अपना समझते |
           काश ओ हंसी ढिढोली फिर हो जाती ,
            काश ओ बचपन की खेल फिर आ जाते हैं |
             काश ओ बचपन के दोस्त फिर आ जाते हैं |
               काश ओ दिन फिर आ जाते |
                 काश ओ दिन फिर आ जाते |

 काश हमारी प्यार भरी सरारते फिर आ जाते,
 काश हमारी हरकते किसी को नौटंकी न लगता,
 काश ओ दिन फिर आ जाते|
काश ओ दिन फिर आ जाते|

                          By : Pooja Rauniyar


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Tuesday, June 29, 2021

बैठ जाती हूं मिट्टी पर अक्सर

 बैठ  जाती हूं मिट्टी पर अक्सर





बैठ जाती हूं मिट्टी पर अक्सर.....
क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है...
मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीका...
चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना...
ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहती हूं
मूझमे  कोई फरेब नहीं है।
जल जाता हैं मेरे अंदाज से मेरे दुश्मन
क्योंकि एक जमाने से मैंने
न मोहब्बत बदली और ना ही दोस्त बदले।।
एक घड़ी खरीद कर हाथ में क्या बांध ली....
वक्त तो मेरे पीछे ही पड़ गया।।
सोचा था घर बना कर बैठूंगी सुकून से....
पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला...
सुकून की बात मत कर ऐ गालिब....
वह बचपन वाला इतवार अब नहीं आता..
शौक तो मां - बाप के पैसों से पुरी होती हैं
अपने पैसों से तो बस जरूरत ही पूरी हो पाती हैं....
एक सवेरा था जब हंस कर उठा करती थी, और
आज  कई बार
 बिना मुस्कुराए ही शाम हो जाती है।।
कितने दूर निकल गए हैं हम,
 रिश्तो को निभाते - निभाते...
खूद को खो दिया हैं हमने ,
अपनों को पाते-पाते...

लोग कहते हैं हम मुस्कुराते बहुत हैं ,
और मै थक गई हूं दर्द छुपाते - छुपाते ....
खुश हूं और सबको खुश रखती हूं,
 लापरवाह हूं फिर भी सबकी परवाह करती हूं....
मालूम है कोई मोल नहीं है मेरी,
 फिर भी कुछ अनमोल लोगों से रिश्ता रखती हूं....
यूं ही मैं दिल को साफ रखने की बात करती हूं ....
पिता नहीं था कीमत तो चेहरों की हुआ करती है
जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं ....पर सुना है 
सादगी में लोग जीने नहीं देते ।
कीसी की गलतियों का हिसाब ना कर
खुदा बैठा है तू तो हिसाब ना कर
 ईश्वर बैठा है तू हिसाब करना।।







Saturday, May 29, 2021

किसान कौन

 

     

                            किसान कौन?

अरे सुनो जी टिकरी बॉर्डर वाले किसान

तुम खुद को किसान बोलते हो |

 अरे अगर तुम किसान होते तो ,

यू न अपना घर द्वार छोड़कर महीनों बिताते हैं |

अगर तुम असली किसान होती तो तुम्हारे घर पर खाने के  लाले पड़ जाते |

किसान तो वह है जो एक दिन काम न करे तो ,

 उसके घर का चूल्हा नहीं जलता |

 तुम खुद को किसान बोलते हो ;

 अरे ! सुनो जी टिकरी बॉर्डर वाले किसान ,

 तुम तो घर से दूर रहकर भी यूं  नए - नए पोशाक बदलते हो,

 जो असल में किसान हैं उनसे पूछो वह साल में कितने कपड़े खरीदते हैं |

 अरे ! सुनो जी टिकरी बॉर्डर वाले किसान

 तुम तो बस यूं ही राजनीति कर रहे हो ,

 और नाम दे रहे हो किसानों की |

 क्या तुम्हें नहीं दिखता इस वक्त वायरस के चंगुल में जूझ रहा है देश |

 अगर तुम किसान होते तो ,

 तुम्हें फिक्र होती अपने बाल बच्चों की ना की राजनीति की |

  अरे! सुनो जी टिकरी बॉर्डर वाले किसान |

                                         By :- Pooja Rauniyar


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#myview

Tuesday, May 25, 2021

पतझड़ के बाद बहारें फिर से आती हैं


संघर्ष जीवन का ... 

कलीफ़ों की बौछारें तो पड़ती ही रहती हैं ;
उनसे भागकर जाये तो जाये कहा ,
तकलीफ भरे इस अँधियारे में दीपक तो जलाना ही पड़ता हैं ;

पेड़ से चिड़ियों के चले जाने से पेड़ रोने तो नहीं लगता ,
कल कभी ख़त्म नहीं होता है क्योकि वो एक नए सबेरे के साथ फिर आता हैं ; 

अगर दिल में कुछ करने की चाह हो तो ऊपर वाला राह खुद ब खुद बना देता हैं ; 
तो आओ अपनी मेहनत और लगन से उम्मीदों की फसल फिर से उगाये ,

चलो एक बार फिर से जी जाय ,
पतझड़ के बाद बहारें फिर से आती हैं ;
मुरझाई कलियाँ एक बार फिर से जरूर मुस्कुराती हैं | 

 






.... 



https://prauniyarownpassion.blogspot.com/

Tuesday, May 11, 2021

Message for all

 A message for all


Be negative think positive 💕💕

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Tuesday, May 4, 2021

Motivational quotes

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Wednesday, December 30, 2020

Thursday, November 26, 2020

True fact

  









"When people say the same things over and over again, it becomes the nature of that person."

Tuesday, September 8, 2020

Thought of the day

Thought of the day.. 

Mat soch ki milana to wahi hai Jo kismat me rhega. 

Mat soch ki milana to wahi hai Jo kismat me rhega. 

Arre khada ho aur mehanat kr fir dekh Jo tu chahega wahi kismat likhega. 

Sunday, September 6, 2020

Thought of the day

" Degree is just a piece of papers real education is in your behavior "

Happy Gandhi+shastri jayanti

  Today is the best day of year because on this day the god has send us the two honourable people in our country . Those two people's ar...